ब्राह्मी तेल | Brahmi Oil in Hindi

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ब्राम्ही
ब्राम्ही

ब्राह्मी एक औषधीय पौधा है जिसका वानस्पतिक नाम : बकोपा मोननेरि (Bacopa monnieri) है। सामान्यय रूप से ये पौधा नमी वाले स्थानों पर पाया जाता है या ये कहे की ये नाम वाले स्थानों पर उगता है। भारत में इसको बहुत सरे नामो से जाना जाता है जैसे – सौम्‍यलता, वर्ण, नीरब्राम्‍ही, घोल, जल नेवरी आदि ।

यह एक बहुत ही उपयोगी औषधीय पौधा है। दो प्रकार की जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें ब्राह्मी के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर इन दोनों का इस्तेमाल हर्बल तेल को बनाने में किया जाता है। सर के बालों को बढ़ाने के लिए प्राचीन काल से ब्राह्मी तेल का उपयोग किया जाता रहा है। सर पर मालिश करने पर यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को काफी फायदा पहुचाता है । ब्राह्मी तेल में कई शक्तिशाली तत्व है जो काफी स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते है।

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ब्राह्मी तेल का स्रोत (Source of Brahmi Oil in Hindi)-

ब्राम्ही डो प्रकार के होते है और यह हर्बल तेल एक या दोनों प्रकार के ब्राह्मी जड़ी बूटियों से बनाया जाता है-

  • बकोपा मोननेरी – यह जड़ी बूटी याददाश्त और संज्ञानात्मक कार्य में सुधार करती है। इसका न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव भी है।
  • सेंटेला एशियाटिका – इस जड़ी बूटी को आमतौर पर गोटू कोला के नाम से जाना जाता है। इससे कैंसर में भी लाभ होता है लेकिन ये प्रमाणित नहीं हुए हैं ।

सबसे पहले ब्राम्ही के पत्तों को एकत्र कर बेस ऑयल में उबाला जाता है। जब यह धीरे – धीरे गर्म होता है तो पोषक तत्व तेल में चले जाते हैं। बाद में इसे छान लिया जाता है।

इसमें आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले बेस ऑयल का उपयोग करते हैं जो की निम्न है –

घी – घी पारंपरिक रूप से ब्राह्मी तेल निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है।

तिल का तेल – यह तेल आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण है और आमतौर पर इसका ही उपयोग ब्राह्मी तेल बनाने के लिए किया जाता है।

नारियल तेल – इस तेल का उपयोग भी ब्राह्मी तेल को तैयार करने या बनाने के लिए किया जाता है।

आंवला – ब्राह्मी तेल बनाने के लिए आंवला का भी उपयोग किया जाता है। आंवला, बालों को झड़ने और समय से पहले सफेद होने से रोकता है ।

ब्राम्ही तेल का गुण (Properties of Brahmi Oil in Hindi ) –

ब्राम्ही तेल में खुद और बहुत गुण होते है और जिस बेस ऑयल का उपयोग करके ब्राम्ही तेल बनाया जाता है उसके भी औषधीय गुण इस तेल में आ जाते है जो इसको और ज्यादा प्रभावी बनता है ।

  • ज्वरनाशक (Anti-pyretic) – बुखार को कम करता है। [1]
  • सुजन नाशक (Anti-inflammatory) – सूजन को कम करता है।
  • अपस्माररोधी(मिर्गी)(Antiepileptic) – मिर्गी के दौरे को कम करता है।[2]
  • Anxiolytic – चिंता को कम करता है। [3]
  • स्मृति में फायदेमंद (Nootropic) – मस्तिष्क की स्मृति में सुधार करता है। [4]
  • त्वचा की चमक (Astringent) – तवचा में चमक लाता है ।
  • दर्द हटानेवाला (Analgesic) – दर्द को कम करता है ।
  • अस्थमा विरोधी (Anti-asthma) – अस्थमा में राहत देता है। [5]
  • नयूरोप्रोटेक्टिव (Neuroprotective) – जड़ी बूटी बकोपा मोननेरी और इसका हर्बल तेल तंत्रिका अध: पतन को कम करता है। [6]
  • एंटी-अल्सर (Anti-Ulcer) – यह अल्सर को कम करता है।

ब्राम्ही तेल का रंग और सुगंध (Colour and Aroma of Brahmi Oil in Hindi ) –

ब्राह्मी तेल गहरे हरे-नीले रंग का होता है। ब्राम्ही तेल में हलकी सुगंध होती है और इसमें बेस आयल की सुगंध ज्यादा होती है।

ब्राम्ही तेल के स्वास्थ्य लाभ और फायदे (Health Benefits of Brahmi Oil in Hindi )

आयुर्वेदिक गुणों के कारण इस तेल का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है जो इस प्रकार है –

ब्राम्ही तेल का बालो के तेल के रूप में प्रयोग (Brahmi oil use As a Hair Oil in Hindi) –

  • बालों की धीमी वृद्धि और बालों की अन्य बालो की समस्या के लिए ब्राम्ही तेल का बहुतायत से उपयोग किया जाता है और इस एक अच्छा प्राकृतिक उपचार माना जाता है।[7]
  • ब्राम्ही तेल को सीधे बालो पर लगाने से ये कंडीशनर का काम करता है और बालो को मुलायम और चमकदार बनता है, बाहरी कारकों जैसे, गर्मी, धूप, धूल और प्रदूषण के कारण हमारे बालो की बालो की उपरी सतह या उपरी लेयर ख़राब हो जाती है जो की बालो को चमकीला रखता है, ब्राम्ही तेल उस परत या लेयर को ठीक करता है और बालो पर उपरी लेयर की तरह काम करता है जिससे बालो में चमक आ जाती है ।
  • इस तेल को प्रतिदिन लगाने से बालो में मजबूती आती है जिससे बालो का झाड़ना कम हो जाता है| साथ में बालो का ग्रोथ भी अच्छा हो जाता है|
  • इस तेल को लगाने से सिर की त्वचा को ठंडक मिलती है और खुजली और जलन से राहत मिलती है।
  • अगर ब्राम्ही तेल को आवाला के साथ उपयोग किया जाए तो ये यह बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है|
  • यह बालों की जड़ों को जरुरी पोषण और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा प्रदान करके उन्हें मजबूत करता है।
  • डैंड्रफ की समस्या में भी ये बहुत कारगर है, इसके इस्तेमाल से बालों के रेशे भी काफी हद तक हेल्दी बने रहते हैं। 

ब्राह्मी तेल से अनिद्रा का उपाय ( Brahmi oil As a Natural Sleep Remedy in Hindi ) –

जो लोग भी अनिद्रा से पीड़ित है या सामान्य नींद नहीं ले पाते है वे ब्राम्ही तेल का प्रयोग कर के इसमें बहुत लाभ ले सकते है या यह कहे की काफी हद तक रहत प्राप्त कर सकते है| नींद के लिए ब्राम्ही तेल को दो प्रकार से उप्तोग में लाया जा सकता है जो इस प्रकार है –

  • नहाने के लिए गर्म पानी का उपयोग करे और उसमे कुछ बुँदे ब्राम्ही तेल की मिला कर नहाए|
  • सोने से पहले गर्म ब्राम्ही तेल से सर की मालिश करे और कम से कम 10 मिनिट तक हलके हाथो से सर की मालिश करे |

ब्राह्मी तेल का उपयोग मानसिक तनाव कम करने के लिए ( Brahmi oil use Calms Anxiety in Hindi ) –

  • आज के समय में हर व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजरता है और उसको जाने अनजाने में मानसिक तनाव हो ही जाता है| तनाव को कम करने के लिए ब्राम्ही तेल का उपयोग किया जा सकता है| वेपोराइज़र या ऑयल बर्नर का उपयोग करके आप ब्राम्ही तेल को कमरे की हवा में फैला सकते है, ऐसा करने से आप के प्रत्येक श्वास के साथ य आपके मस्तिष्क तक पहुचेगा और आप के मानसिक तन्तिकाओ में अच्छा काम करेगा और आप का तनाव कम करने में काफी सहायता करेगा |
  • अगर आप ब्राम्ही तेल की गहराई से श्वास ले या सामान्य भाषा में कहे की नाक से तेजी से सुघे तो भी यह आप के मस्तिष्क में जाकर तनाव कम करेगा |

ब्राम्ही तेल से मुख अल्सर का इलाज ( Brahmi oil Treat an mouth Ulcer in Hindi) –

अगर किसी को मुह में अल्सर है या मुह में छाले है तो उनके लिए ब्राम्ही तेल बहुत फायदेमंद हो सकता है| अगर कोई इनसे परेशान है तो वो मुख में ब्राम्ही तेल लगाने से काफी रहत मिलती है, और ये भोजन करते समय होने वाली तेज जलन को भी कम करता है|

ब्राम्ही तेल के सर के मलिश के अन्य लाभ ( Brahmi oil Scalp Massage Health Benefits in Hindi ) –

ब्राह्मी तेल से सिर की मालिश करने से बालों को तो फायदा होता ही है उसके अलावा और भी बहुत फायदे और स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

  • यह तनाव और मानसिक थकान को कम करता है।
  • यह नींद को बढ़ाता है।
  • यह एकाग्रता और स्मरण शक्ति में सुधार करता है। व्यक्ति बहुत साडी जानकारी याद रख सकता है |
  • व्यक्ति के मनोभ्रंश जैसी स्तिथि से निपटने में भी सहायक है|
  • यह मिर्गी को दूर करता है। इस तेल के नियमित मालिश करने से दिमाग की नसें और दिमाग अच्छा होता है। मिर्गी के दौरे की आवृत्ति कम हो जाती है।

ब्राम्ही तेल से जोड़ों के दर्द से राहत ( Brahmi oil benefit in Joint Pain Relief in Hindi ) –

ब्राम्ही तेल उन्नत क़िस्म का सूजनरोधी है | जोड़ों या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द और सूजन को कम करने के लिए इसे लगा सकते हैं। जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, सिरदर्द और इसी तरह के सामान्य दर्द को कम करने के लिए इसकी मालिश कर सकते हैं। इसमें एनाल्जेसिक प्रभाव भी होता है जो दर्द से अस्थायी राहत प्रदान करता है।

ब्राम्ही तेल से अल्जाइमर रोग में लाभ ( Brahmi oil benefit in Alzheimer’s disease in Hindi ) –

ब्राम्ही अल्जाइमर रोग को ठीक करने में काफी मददगार है क्युकी ये संज्ञानात्मक कार्य ( cognitive function) को बूस्ट करता है या यह कहे की बढ़ता है|

ब्राह्मी जड़ी बूटी ने अल्जाइमर रोग में वादा दिखाया है क्योंकि यह संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाता है। हालांकि, यह सुनिश्चित नहीं है कि खोपड़ी की मालिश की सरल तकनीक यह स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है या नहीं। लेकिन सिर्फ सिर की मालिश से इसमें फायदा होता है ये अभी तक सुनिश्चित नही किया जा सका है|

ब्राम्ही तेल से पेट की मालिश में लाभ (Benefits of abdominal massage with Brahmi oil in Hindi) –

पेट पर ब्राह्मी तेल लगाने से व्यक्ति को आंतों की गैस पास करने में मदद मिल सकती है। यह गैस दर्द, अपच और पेट की ख़राबी को कम करता है।

ब्राम्ही तेल के प्रयोग से व्यक्ति की सतर्कता में सुधर (Use of Brahmi oil improves the alertness of the person in Hindi) –

ब्राह्मी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है। सर में ब्राह्मी तेल की मालिश करने पर मस्तिष्क को नियमित रूप से अधिक रक्त की आपूर्ति होती है और यह एक लंबी अवधि की प्रक्रिया है। हालांकि तेल से सर की मालिश के दौरान एक शांत सनसनी पैदा होता है, यह व्यक्ति की सतर्कता में सुधार करता है।

ब्राम्ही तेल के साइड इफेक्ट, खुराक और विषाक्तता (Brahmi Oil Side Effects, Safe Dosage and Toxicity Issues in Hindi) –

यह तेल केवल बहरी प्रयोग के लिए है, खाने या मुख से लेने के लिए नहीं है। ब्राह्मी तेल के सेवन से जी मिचलाना और उल्टी जैसे हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

ब्राम्ही में 50 LD of 2400 mg/kgहै, जो बहुत घातक है।

ब्राह्मी तेल गर्भवती महिलाओं, नर्सिंग महिलाओं और बच्चों को उपयोग नहीं करना चाहिए। ब्राह्मी या उसके तेल के साथ दवा के परस्पर क्रिया के बारे में कोई डेटा नहीं है। इसलिए, उपचार की अवधि के दौरान इस तेल का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

पोषण और औषधीय जानकारी (Nutritional and Medicinal Information in Hindi ) –

जैसा की हम जानते है की ब्राम्ही के 2 प्रकार गोटू कोला और बकोपा है और इन दोनों के तेल में काफी मात्र में पोषक तत्व होते है| और इसमें बेस ऑयल के भी गुण आ जाते है| इस प्रकार बेस ऑयल का भी एक प्रमुख भूमिका हो जाती है क्युकी इस तेल में बेस ऑयल के लाभ और हानि भी आ जाते है|

  • बैकोसाइड्स – यह सैपोनिन की एक श्रृंखला है । ये मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर ब्राह्मी तेल के प्रभाव के लिए जिम्मेदार यौगिकों के वर्ग हैं।
  • अल्कलॉइड्स – इसमें ब्राह्मी, सामान्य निकोटीन और हर्पस्टीन शामिल हैं।
  • डी-मनीटोल, एक लाभकारी यौगिक। इंट्राक्रैनील दबाव को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • कुकुर्बिटासिन – कद्दू परिवार में आमतौर पर देखा जाने वाला एक यौगिक।
  • Hersaponin – तंत्रिका तंत्र पर कई औषधीय प्रभाव डालता है।

ख़रीदना से पहले ये जाने और भंडारण कैसे करे (Buying and Storage) –

ब्राह्मी तेल की कई किस्में हैं, क्युकी कई तरह के बेस ऑयल की सहायता से ब्राम्ही तेल को निकला जाता है|

ओर्गानिक ब्राम्ही तेल सबसे अच्छा होता है और आपको ये ध्यान देना चाहिए की बेस ऑयल में क्या है और बेस ऑयल आपके अनुसार है या नही|

बेस ऑयल के रूप में इस्तेमाल होने वाले सस्ते फिलर ऑयल पर ध्यान देना चाहिए।

ब्राह्मी तेल को धूप से दूर रखना चाहिए।

सन्दर्भ (References) –

1. TRADITIONAL INDIAN HERBAL MEDICINE USED AS ANTIPYRETIC, ANTIULCER, ANTI-DIABETIC AND ANTICANCER: A REVIEW Maurya Umashanker1, and Srivastava Shruti. INTERNATIONAL JOURNAL OF RESEARCH IN PHARMACY AND CHEMISTRY

2. Brahmi: an Ayurvedic comparison of Bacopa/Herpestris monniera and Centella/Hydrocotyle Asiatica. Australian Journal of Medical Herbalism Volume 16 Issue 1 (2004). Irani, F

3. Clinical efficacy of Manasamitra Vataka (an Ayurveda medication) on generalized anxiety disorder with comorbid generalized social phobia: a randomized controlled study. Tubaki BR, Chandrashekar CR, Sudhakar D, Prabha TN, Lavekar GS, Kutty BM.J Altern Complement Med. 2012 Jun;18(6):612-21. DOI: 10.1089/acm.2010.0778.

4. A REVIEW ON NATURAL MEMORY ENHANCERS. (NOOTROPICS) . Joshi Pranav C

5. Biotechnology of Medicinal Plants: Vitalizer and Therapeutic. Enfield, NH: Science Publishers. Rajani, M. et al. (2004), Ramawat, K. G., ed.

6. Neuroprotective mechanisms of ayurvedic antidementia botanical Bacopa monniera. Phytotherapy Research. Dhanasekaran, M.; Tharakan, B.; Holcomb, L. A.; Hitt, A. R.; Young, K. A.; Manyam, B. V.

7. Preparation, evaluation and hair growth stimulating activity of herbal hair oil. Journal of Chemical and Pharmaceutical Research, 2009. Pooja S. Banerjee, Megha Sharma, Rajesh Kumar Nema

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