Linseed oil or Flaxseed Oil |अलसी के तेल के फायदे

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Linseed-Oil

अलसी का तेल 2 प्रकार के होते है जिसमे से एक को flaxseed oil और दुसरे को linseed oil कहा जाता है| इन दोनों तेल के स्रोत एक ही और वो है अलसी के बीज, लेकिन इन दोनों का प्रसंस्करण याने की बनाने का तरीका काफी अलग है| इन दोनों के बीच का मुख्य अन्तर ये है की Linseed oil का प्रयोग औद्योगिक कार्यो जैसे की पेंट आदि में प्रयोग होता है जबकि flaxseed oil का प्रयोग मानवीय उपभोग के लिए होता है| यहाँ हम Flaxseed Oil के बारे में बात कर रहे है जिसको वास्तव मे अलसी का तेल बोला जाता है|

Table of Contents

अलसी के तेल का स्रोत (Source of Flaxseed Oil in Hindi) Alsi ke tail ka sroot-

अलसी के बीज दो प्रकार के होते हैं-भूरे रंग के और पीले रंग के| अलसी का तेल दोनों प्रकार के बीजो से निकाला जाता है। यह पीले रंग का होता है। यह एक व्यावसायिक फसल है जो ठंडी जलवायु में उगाई जाती है|यह पृथ्वी पर उगाये जाने वाली सबसे पुरानी फसल है। अलसी के पौधे को पुराने समय और प्राचीन सभ्यताओं में इसके विविध उपयोगों के कई बार सराहा गया था। अलसी का बीज एक बहुत ही अच्छा आहार है जिसमे ओमेगा-थ्री, फैटी एसिड और फाइबर काफी मात्मेंरा में मोजूद हैं, और आपको ये जानना चाहिए की इसमें ओमेगा-थ्री मछली के मुकाबले 50 % ज़्यादा होता है।

लीन शीड आयल और फ्लेक्स शीड आयल में अंतर (Linseed Oil vs Flaxseed Oil) Linseed Oil aur Flaxseed Oil me anter-

लीन शीड आयल (Linseed oil) सूखे अलसी के बीजों को पैर कर प्राप्त किया जाता है, लेकिन यह कोल्ड प्रेस्ड (cold pressing) से नही बल्कि इसको उबालकर बनाया जाता है| उबलने के बाद कई प्रोसेस किये जाते है तब लीन शीड आयल (Linseed oil) प्राप्त होता है| इस प्रकार के तेल का उपयोग केवल पेंट बाइंडर या लकड़ी के फिनिशिंग में किया जाता है।

फ्लेक्स शीड आयल (Flaxseed oil) ज्यादा अच्छा होता है क्युकी इसमें प्राकृतिक रूप से ज्यादा अच्छे तत्व रहते है| इसको cold pressing से निकला जाता है जिसके कारण उसके पोषक तत्व मूल रूप में रहते है जो हमारे लिए उपयोगी है|

दोनों प्रकार के तेल का जीवन कम होता है और इनको ठंड में रखा जाता है या ये कहे की इनको रेफ्रीजरेटर में रखा जाता है| और हमेशा धुप से दूर रखा जाता है|

फ्लेक्स शीड आयल (Flaxseed oil) ही मानवीय उपयोग के लिए है| इससे आप खाद्य के रूप में भी उपयोग कर सकते है और विभिन्न प्रकार से भी उपयोग कर सकते है|

सावधानी: अलसी के तेल को खाना पकाने के तेल के रूप में कभी भी प्रयोग न करें। इसको गर्म कर के खाना नही पकाना चाहिए क्युकी यह तेल 225 F में धुवा बन जाता है जो की बहुत कम है|तेल जल्दी से धुआं देता है, और यह स्वस्थ पोषक तत्वों को खतरनाक रसायनों में बदल देता है। अलसी के तेल से खाना बनाना हानिकारक होता है।

अलसी तेल का गुण (Properties of Linseed Oil in Hindi ) Alsi ke tail ka gun –

अलसी के तेल में कुछ विशेष गुण होते हैं जो इसे औद्योगिक उपयोग के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

1.सुखाने के लिए – अलसी का तेल धीरे-धीरे लेकिन समान रूप से सूख जाता है। यह इसे पेंट फॉर्मूला, वुड फिनिश उत्पादों आदि में सुखाने वाले एजेंट के रूप में उपयोग के लिए उपयुक्त बनाता है।

2.जल-प्रतिरोध – यह तेल सामग्री को पानी से सुरक्षित रखता है। यह धातु उत्पादों को जंग से और फर्नीचर को पानी के नुकसान से बचाने में मदद करता है।

3.चमक – अलसी का तेल लकड़ी में चमक लाता है।

4.बाइंडिंग एजेंट – अलसी का तेल कई उत्पादों में सामग्री को एक साथ बांधता है। जब सभी अवयवों को इसमें मिलाया जाता है तो यह एक समृद्ध, चिकना इमल्शन बनाता है। यह बहुत मददगार है।

अलसी तेल का सामान्य घरेलु उपयोग (Common home uses of linseed oil in Hindi ) Alsi ke tail ka samany gharelu upyog –

लोहे में जंग लगने से बचाने में – यदि आप के पास कोई ऐसा लोहे का सामान है जिसमे जंग लग गया है|तो आप उसको साफ़ करे और उसमे अलसी के तेल को लगाकर छाया में सुखा ले फिर इसमें जंग नही लगेगा |

लकड़ी के सामानों पर प्रयोग – उबले हुए अलसी के तेल को लकड़ी पर लगाने से उस पैर चमक आती है और ये लकड़ी के अंदर प्रवेश का जाता है और उसको जल्दी सुखाता है और साथ ही उसको मजबूती भी देता है|लकड़ी के किसी भी उत्पाद पर इस तेल का पतला कोट लगाएं। इसे कुछ घंटों के लिए सूखने दें, और फिर यह हो गया है।

दीमक रोधी: यदि आपको फर्नीचर में दीमक लगने का संदेह है, तो अलसी का तेल बचाव के लिए उपयोग करे। यह तेल अपने आप में दीमक को नहीं मारता है। लेकिन अलसी के तेल में संतरे के छिलके के तेल की कुछ बूंदें डालने से दीमक नष्ट हो जाती है। यह लकड़ी को भविष्य में दीमक के आक्रमण से भी बचाता है।

ऑइल पेंटिंग – अलसी का तेल, पाउडर रंगों से ऑइल पेंट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक लोकप्रिय बाइंडर है।

चमड़े की कंडीशनिंग – एक सूती का कपड़ा लें। उस पर अलसी के तेल की कुछ बूंदें डालें और फिर इसका इस्तेमाल अपने चमड़े के उत्पादों को साफ करने के लिए करें। यह चमड़े को नरम करता है और चमड़ा फफूंदी से सुरक्षित हो जाता है। आपके जूते या जैकेट बिल्कुल नए जैसे दिखने लगते है|

खाद्य अलसी के तेल के स्वास्थ्य लाभ(Health Benefits of Food Grade Linseed Oil in Hindi ) Alsi ke tail ke sawasth laabh –

सिर्फ खाद्य अलसी के तेल का ही उपयौग मानवीय क्रिया कलापों में करना चाहिए|अलसी का तेल पोषण की गुणवत्ता के मामले में दुसरे अलसी के तेल से बेहतर है, यह कई प्रकार से हमको स्वास्थ्य लाभ भी देता है।

अलसी के तेल के फायदे सूजन के लिए – Flaxseed Oil for Inflammation in Hindi

अध्ययनों से पता चला है कि अलसी के तेल का नियमित सेवन आंतों के भीतर की परत में सूजन को कम कर देता है। अलसी का तेल एक प्रभावी रेचक के रूप में कार्य करता है और इसमें बहुत अधिक मात्रा में म्यूसिलेज (एक चिपचिपा गाढ़ा पदार्थ) पाया जाता है|इस प्रभाव के लिए आप इसे दूध, स्मूदी या किसी अन्य तरल भोजन के साथ ले सकते हैं।

अलसी के तेल के फायदे हार्मोनल संतुलन के लिए – Benefits of flaxseed oil for hormonal balance in Hindi

अलसी का तेल असामान्य हार्मोनल मूल्यों को संतुलित करने में मदद मिलती है, खासकर महिलाओं में। महिलायें रजोनिवृत्ति के दौर से गुजरती है तो उनके शरीर में कई तरीके के बदलाव आते हैं, विशेष रूप से उनके शरीर में होने वाला हार्मोन असंतुलन जैसे एस्ट्रोजन। अलसी का तेल लिग्नान (lignans) का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो पोषक तत्वों का एक वर्ग है जो एस्ट्रोजन जैसा दिखता है। यह शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को सामान्य रखने में मदद करता है।

अलसी के तेल के फायदे कोलेस्ट्रोल के लिए – Flaxseed Oil Reduces Cholesterol in Hindi

अलसी के तेल में ओमेगा 3 फैटी पाया जाता है जो एलडीएल (ख़राब कोलेस्ट्रॉल) का स्तर कम कर देता है और रक्त में एचडीएल स्तर को बनाए रखता है। जो कोलेस्ट्रोल में फायदेमंद है|

अलसी के तेल के फायदे वजन घटाने के लिए – benefits of linseed oil for weight loss in Hindi

अलसी में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड फैट को बर्न करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर की बढ़ी हुई चर्बी को आसानी से कम किया जा सकता है| इसके सेवन से आपको जल्दी से भूख नहीं लगेगी जिससे आपका पेट पूरा दिन भरा हुआ रहेगा। यह मांसपेशियों का निर्माण करने में मदद करता है।

अलसी के तेल के अन्य फायदे – Other benefits of flaxseed oil in Hindi

अलसी में मौजूद ओमेगा 3 कई प्रकार से हमको फायदा देता है| गठिये की बीमारी में भी ये फायदेमंद होता है और आर्थराइटिस जैसी बीमारी को दूर करने में मदद कर सकता है| साथ ही अलसी के बीज और तेल में फाइबर की काफी मात्रा में होती है जो गैस और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है. अलसी के सेवन से पेट संबंधी समस्याओं को कम किया जा सकता है.अलसी के तेल में विटामिन और मिनरल्स जैसे तत्व पाए जाते हैं जो हेल्दी बालों के लिए जरूरी होते हैं. इसके अलावा इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड बालों को पोषण देते हैं| यह तेल बालों में नमी को बनाये रखने के लिए जाना जाता है जिससे बाल चमकदार रहते हैं।

अलसी के तेल के साइड इफेक्ट और विषाक्तता (Flaxseed Oil Side Effects and Toxicity in Hindi ) Alsi ke tail ke side Effects

हलाकि दोनों प्रकार के तेल सुरक्षित है लेकिन फिर भी लीन शीड आयल (Linseed oil) का व्यक्तिगत उपयोग न ही करे, यहाँ तक की मालिश के लिए भी नही क्युकी उस तेल में मौजूद रसायन हमारी त्वचा के माध्यम से रिस सकते हैं और विषाक्त पदार्थों के रूप में कार्य कर सकते हैं।

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अलसी के तेल से बचना चाहिए। यह रक्तस्राव विकारों वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित नहीं है। यदि आप गंभीर रूप से घायल हैं और रक्तस्राव का खतरा है तो इसे नहीं लेना चाहिए। इसके प्रयोग से रक्तस्राव भी बढ़ता है, और अगर आप कोई भी सर्जरी करवाने जा रहे हैं, तो आपको इन तेलों से बचना चाहिए और इनका प्रयोग कम से कम दो सप्ताह पहले से बंद कर दे|

अलसी के तेल का उपयोग करने से पहले उसमें खराब होने की जाँच अवश्य कर लें, क्योंकि यदि इसे स्टोर पर अनुचित तरीके से रखा गया है तो यह बहुत संभव है कि तेल बासी हो। बासी तेल बहुत हानिकारक होते हैं और सीधे हृदय रोग के जोखिम को तेजी से बढ़ा सकते हैं।

अलसी का तेल भी कुछ मामलों में अनायास ज्वलनशील होता है। इसलिए, इसे गर्म तापमान से दूर रखने की सलाह दी जाती है ।

अलसी के तेल का सुरक्षित खुराक (Safe Dosage of Flaxseed Oil in Hindi ) Alsi ke tail ka surakshit khuraak –

लगभग 20 मिली तक की खुराक सुरक्षित है। लेकिन इससे आगे यह हानिकारक हो सकता है और फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पैदा कर सकता है।

इतिहास (History in Hindi )-

अलसी की फसलों की खेती सभ्यता के प्रारंभ से ही की जाती रही है। यह प्राचीन मिस्र के साथ-साथ चीन में भी पाया जाता था। इसका तेल निकालने की प्रथा भी प्राचीन प्रथा रही होगी। प्राचीन ग्रीस में,अलसी के तेल का उपयोग पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता था। उस समय भी, इसका उपयोग जलरोधक, सुखाने और अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता था।

चिकित्सा और पोषण संबंधी जानकारी (Medical and Nutritional Information in Hindi )

इस तेल में यह ओमेगा-3, ओमेगा-6 और ओमेगा-9 फैटी एसिड से भरपूर होता है। साथ ही, इसमें लिग्नान भी होते हैं जो शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं।अलसी के तेल में उच्च मात्रा में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और लिनोलिक एसिड होता है। खाद्य अलसी के तेल में पाए जाने वाले प्रमुख फैटी एसिड दिखाने वाला एक चार्ट यहां दिया गया है। ये फसल के प्रकार और प्रसंस्करण विधि के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

NutrientPercentageProperty
Alpha Linoleic Acid 47.4Anti-inflammatory
Linoleic Acid 27.1Anti-inflammatory
Oleic Acid 19Decreases cholesterol
Stearic Acid 2.5Assist cholesterol lowering effect
Palmitic Acid 6Mild antioxidant

( Source: Wikipedia )

इसमें कम मात्रा में पाए जाने वाले अन्य फैटी एसिड पामिटोलिक एसिड, एराकिडिक एसिड और ईकोसेनोइक एसिड हैं। पामिटिक एसिड के हानिकारक प्रभावों पर बहुत बहस हो रही है। ऐसा लगता है कि बड़ी मात्रा में पामिटिक एसिड हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है, लेकिन कम मात्रा में यह एक हल्के एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो शरीर के लिए अच्छा होता है।

अलसी का तेल पेंटवर्क के लिए और आपके लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए उत्कृष्ट है। लकड़ी के लिए उपयोग किए जाने वाले अन्य महंगे उत्पादों की तुलना में यह सस्ता है। अपने फर्नीचर के जीवन को लम्बा करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

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